12 साल से कागजों में चल रहा था बीएड कॉलेज ! ग्राउंड रिपोर्ट में खाली जमीन का खुलासा

मऊगंज ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक मीडिया जांच में दावा किया गया है कि हनुमना विकासखंड के ग्राम पटेहरा में स्थित ‘मां अष्टभुजा कॉलेज ऑफ एजुकेशन’ पिछले करीब 12 वर्षों से केवल सरकारी अभिलेखों में संचालित दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर कॉलेज भवन का कोई अस्तित्व नहीं मिला। मामले के सामने आने के बाद मान्यता और संबद्धता देने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में खाली जमीन मिलने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में कॉलेज का पता खसरा नंबर 1147/1, ग्राम पटेहरा दर्ज है। मौके पर पहुंचने पर वहां न कॉलेज भवन मिला, न कक्षाएं और न ही कोई शैक्षणिक गतिविधि। संबंधित स्थान पर केवल खाली जमीन और झाड़ियां होने का दावा किया गया है।
ग्रामीण बोले— यहां कभी कॉलेज नहीं चला
स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके गांव में आज तक न कोई कॉलेज संचालित हुआ और न ही वहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य हुआ। उनका कहना है कि उन्होंने कभी वहां छात्रों या शिक्षकों की आवाजाही भी नहीं देखी।
सरकारी रिकॉर्ड में संस्था के नाम दर्ज जमीन
रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्व अभिलेखों और डिजिटल रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूमि नीलांचलम सेवा संस्थान के नाम दर्ज है। हालांकि, जमीन पर कॉलेज जैसी कोई संरचना दिखाई नहीं दी।
मान्यता और संबद्धता पर उठे सवाल
दावे के अनुसार, संस्थान को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से 100 सीटों की मान्यता तथा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से संबद्धता प्राप्त है। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि भौतिक सत्यापन के दौरान संबंधित एजेंसियों ने किन आधारों पर अनुमति प्रदान की।
जांच के बाद ही होगा स्थिति स्पष्ट
मामले में मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कई गंभीर प्रश्न सामने आए हैं, लेकिन संबंधित विभागों या संस्थाओं की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जांच रिपोर्ट या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



