राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया; चाय पर बुलाया , CJP के साथ संवाद की पहल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से संपर्क साधने की पहल की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने दीपके को राहुल गांधी के साथ हाई-टी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया था। हालांकि, दीपके उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच आगे संवाद की संभावना पर नजर बनी हुई है।
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //
CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने जताया समर्थन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी तथा अभिजीत दीपके अलग-अलग स्तर पर विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी विपक्षी दलों को साथ लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि CJP अपने प्रदर्शन के जरिए इस मुद्दे को उठा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के समर्थन में बयान दिया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इसके बाद कांग्रेस की ओर से 14 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के लिए आयोजित हाई-टी कार्यक्रम में CJP को भी आमंत्रित किए जाने की खबर सामने आई।
प्रशांत भूषण के जरिए संपर्क की कोशिश
रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने अभिजीत दीपके तक पहुंचने के लिए वकील प्रशांत भूषण से मध्यस्थता करने का आग्रह किया था। दीपके से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उस समय वे महाराष्ट्र में थे। वहीं, CJP के कुछ नेता हिरासत में थे।
हालांकि, दीपके के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। भविष्य में राहुल गांधी के निमंत्रण पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी, यह भी स्पष्ट नहीं है।
क्या राहुल गांधी का निमंत्रण स्वीकार करेंगे अभिजीत दीपके ?
CJP के पिछले प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की खबरें आई थीं। मौजूदा प्रदर्शनों में भीड़ को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पार्टी की ओर से प्रदर्शन को सीमित करने के प्रयासों का आरोप लगाया गया है, जबकि आंदोलन के समर्थन और भागीदारी को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
CJP को कथित विदेशी फंडिंग मिलने और उसके आंदोलन के उद्देश्यों को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ऐसे दावों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य या आधिकारिक जांच के निष्कर्ष जरूरी हैं। बिना प्रमाण इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, राहुल गांधी की ओर से संवाद की पहल और अभिजीत दीपके की संभावित प्रतिक्रिया राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा बनी हुई है। दोनों के बीच आगे कोई औपचारिक मुलाकात होती है या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।



