दिल्ली

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च रोका, राहुल गांधी समेत 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, मंडी हाउस में पुलिस ने रोका विपक्ष का मार्च

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंडी हाउस में ही रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इसी बीच राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है। याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई है।

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //

मंडी हाउस में रोका गया विपक्ष का मार्च

विरोध मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित INDIA ब्लॉक के कई नेता और सांसद शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही नेताओं की बस रोक दी गई। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता पैदल आगे बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने मंडी हाउस में ही मार्च रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाली सड़क भी बंद कर दी गई।

विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

राहुल गांधी समेत 11 नेताओं ने दायर की याचिका

राहुल गांधी की कानूनी टीम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। इसमें राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और सौगत रॉय सहित कुल 11 विपक्षी नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं।

याचिका में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की आशंका है और इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, याचिका में उठाए गए आरोपों और मांगों पर अदालत का अंतिम निर्णय होना बाकी है।

राहुल गांधी बोले—यह शिवजी की बारात

मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के आंदोलन को ‘शिवजी की बारात’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त उनके संदेशों से अवगत हैं।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन और प्रवेश व्यवस्था पर क्या कहा ?

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक नियमों के तहत जनहित या निजी मुद्दे पर याचिका दायर कर सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्ट्री में आवेदन दिया जा सकता है। याचिका वकील के माध्यम से या नियमानुसार व्यक्तिगत रूप से भी दायर की जा सकती है।

हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रदर्शन करने का स्थान नहीं है। परिसर में प्रवेश के लिए निर्धारित पास और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना आवश्यक है। अदालत की टिप्पणियों का उद्देश्य न्यायालय की प्रक्रिया और परिसर की व्यवस्था बनाए रखना है।

CEC के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

कांग्रेस नेता सचिन पायलट समेत विपक्ष के कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। INDIA ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी। याचिका पर सुनवाई और अदालत के आदेश से ही स्पष्ट होगा कि SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाया जाता है।

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