गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी, सरकार तैयार करेगी पांच साल की कार्ययोजना

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को पहचानने, आधुनिक प्रशिक्षण देने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत गांवों और जनजातीय अंचलों में टैलेंट हंट, स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियां, प्रशिक्षित कोच, स्पोर्ट्स साइंस सुविधाएं और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने पर जोर दिया गया है। सरकार ने मिशन के लिए अगले पांच वर्षों की परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर ( शिखर दर्शन ) //
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में मौजूद प्रतिभाओं को समय पर पहचान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश का गौरव बढ़ा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं का अनुभव दिया जाए।
गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में चलेगी प्रतिभाओं की खोज
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की तलाश केवल बड़े शहरों और स्थापित खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। तीरंदाजी, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में इन क्षेत्रों के युवाओं की रुचि को व्यवस्थित प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिभा की पहचान से लेकर खिलाड़ी के उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए। किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।
स्कूलों से मजबूत होगी खेल संस्कृति
मुख्यमंत्री ने स्कूल स्तर से ही बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित करते हैं।
स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से नियमित खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। इससे प्रतिभाशाली बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा। खेलों को भविष्य में बेहतर करियर के विकल्प के रूप में अपनाने का रास्ता भी मजबूत होगा।
फीडर सेंटर से उत्कृष्टता केंद्र तक मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्राथमिकता वाले खेलों को विकसित करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, फीडर सेंटरों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें शुरुआती प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे खेल अकादमियों, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों और उत्कृष्टता केंद्रों से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और प्रगति की नियमित निगरानी करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि उनकी जरूरतों का आकलन कर उन्हें अगले स्तर तक पहुंचने के अवसर दिए जा सकें।
प्रशिक्षित कोच और खेल विज्ञान पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने खेलवार योग्य और प्रशिक्षित कोचों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। जिन क्षेत्रों में किसी विशेष खेल की संभावनाएं अधिक हैं, वहां उसी के अनुरूप विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, मानसिक सहयोग, फिटनेस, चोटों से बचाव और पुनर्वास जैसी सुविधाओं को प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में तकनीक और खेल विज्ञान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के खिलाड़ियों को भी इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
बिलासपुर के स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर का होगा विस्तार
बैठक में बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के विस्तार की योजना की समीक्षा की गई। यहां आवासीय खिलाड़ियों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने तथा संचालित खेल विधाओं का विस्तार करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पहले से उपलब्ध स्टेडियमों, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का नियमित रखरखाव किया जाए और जरूरत के अनुसार उनका उन्नयन भी हो, ताकि खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को नियमित प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर भी मिलना चाहिए। प्रतियोगिताओं से उन्हें अपने प्रदर्शन का आकलन करने और बड़े मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिलती है।
बैठक में टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के माध्यम से विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसके जरिए दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर दिए जाएंगे।
महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय ने महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने विभिन्न खेलों में अपनी क्षमता साबित की है। उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
बैठक में महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर, पैरा स्पोर्ट्स के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पांच साल की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बैठक में विभिन्न घटकों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत खेल तंत्र विकसित करना है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, पोषण, खेल विज्ञान, प्रतियोगिता और उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक खिलाड़ियों को जरूरी सहयोग मिल सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक निर्माण और खेल विभाग के अधिकारी शामिल थे।



