प्री-मानसून की दस्तक: आंधी-बारिश से बदलेगा मौसम, गर्मी से मिलेगी राहत

28 अप्रैल से कई राज्यों में सक्रिय होगा सिस्टम, कई शहरों में 45°C के पार पारा
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // देशभर में मौसम जल्द ही करवट लेने वाला है और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने के संकेत हैं। 28 अप्रैल से 1 मई के बीच उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
मौसम एजेंसी Skymet Weather के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में हल्की प्री-मानसून गतिविधियों के बाद मौसम शुष्क हो गया था, जिससे तापमान तेजी से बढ़ा और कई इलाके लू की चपेट में आ गए।
पिछले 24 घंटों में देश के कई शहरों में पारा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 46.9°C दर्ज किया गया, जबकि अमरावती 46.8°C, बांदा 46.6°C, बाड़मेर और वर्धा 46.4°C तथा जैसलमेर और यवतमाल में 46°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रयागराज, नागपुर और आदिलाबाद समेत कई शहरों में पारा 45°C के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग के संकेत के अनुसार 27 अप्रैल की शाम से राजस्थान, दक्षिण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश शुरू हो सकती है। हालांकि इससे पहले तापमान में थोड़ी और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
28 अप्रैल के बाद उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून सिस्टम और सक्रिय हो जाएगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में भी 29 अप्रैल तक प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि 30 अप्रैल के बाद पश्चिमी राजस्थान में मौसम फिर से शुष्क हो सकता है।
फिलहाल अनुमान है कि 2 मई तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी-दक्षिण भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा में गर्म और शुष्क मौसम बना रह सकता है। मई को आमतौर पर साल का सबसे गर्म महीना माना जाता है, लेकिन बीच-बीच में आने वाली ये प्री-मानसून गतिविधियां लोगों को राहत देती रहेंगी।
