बंगाल में चुनावी तापमान चरम पर, हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया माहौल

TMC सांसद की कार पर हमला, BJP-TMC समर्थकों में झड़प, DGP का कार्यकाल बढ़ाया गया
कोलकाता ( शिखर दर्शन ) // पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राज्य का राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। कई जिलों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल में उबाल साफ नजर आ रहा है। हुगली जिले में टीएमसी सांसद मिताली बाग की कार पर ईंट-पत्थर और लाठियों से हमला किया गया, जिसमें उन्हें और उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं। दोनों को आरामबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सांसद ने फेसबुक लाइव के जरिए आरोप लगाया कि यह हमला भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। घटना उस समय हुई जब वह गोगहाट से आरामबाग में अभिषेक बनर्जी के रोड शो में शामिल होने जा रही थीं।
टीएमसी ने इस घटना को लेकर भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पहले दी गई धमकियों के बाद ही यह हमला हुआ और इसे एक साजिश के तौर पर अंजाम दिया गया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
इधर उत्तर 24 परगना जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से पहले भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि विवाद पोस्टर और बैनर फाड़ने को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक रूप ले गया। इस दौरान पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के साथ भी मारपीट की खबर सामने आई है।
इसके अलावा भांगुर इलाके में पुलिस ने एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर से 79 देसी बम बरामद किए हैं। मामले में आरोपी रफीकुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बरामदगी ने चुनावी हिंसा की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
वहीं केंद्र सरकार ने राज्य के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता का कार्यकाल 30 अप्रैल 2026 के बाद छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। चुनाव के बीच इस फैसले को भी राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
दूसरे चरण के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल में जिस तरह हिंसा, आरोप-प्रत्यारोप और कार्रवाई तेज हुई है, उससे साफ है कि चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा और संवेदनशील होता जा रहा है।



