“दुर्ग के कल्याण लॉ कॉलेज को BCI का नोटिस, प्रिंसिपल ने दिल्ली में रखा पक्ष; कॉलेज की मान्यता अपडेट न होने का लगाया आरोप”

कॉलेज प्रबंधन ने BCI पर सिस्टम त्रुटि का आरोप लगाया; साल 2011-2025 के छात्रों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी को खारिज किया
दुर्ग (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के प्रतिष्ठित कल्याण लॉ कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा भेजे गए नोटिस के विवाद को सुलझाने के लिए कॉलेज की प्रिंसिपल सुशीला यादव दिल्ली पहुंचीं। उन्होंने BCI के समक्ष कॉलेज प्रबंधन की ओर से पक्ष रखते हुए पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी दी।
BCI ने नोटिस में आरोप लगाया था कि कॉलेज ने छात्रों से लिए गए 1600 रुपये प्रति छात्र BCI में जमा नहीं किए और इसके साथ ही BCI से मान्यता भी नहीं ली गई। इस आधार पर साल 2011 से 2025 तक के सभी छात्रों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।
कॉलेज प्रबंधन ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए बताया कि साल 2011 से 2025 तक की राशि कुल 42 लाख 60 हजार रुपये वर्ष 2023 में ही जमा कर दी गई थी। इसके अलावा, BCI द्वारा 2026 से 2029 तक की फीस जमा करने के लिए भेजे गए नोटिस की तैयारी भी कॉलेज कर रहा है। प्रबंधन का आरोप है कि BCI ने 2023 में जमा की गई राशि और कॉलेज की मान्यता को अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम में अपडेट नहीं किया, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ।
इस नोटिस के बाद कॉलेज से पढ़कर निकले कई वकील और न्यायाधीश भी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि इस नोटिस से कॉलेज की वर्षों से बनी साख और छवि को नुकसान पहुंचा है, जबकि यह संस्थान कानून शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए है।
कल्याण लॉ कॉलेज की स्थापना 1962 में हुई थी। वर्तमान में कॉलेज में एलएलबी की 150 सीटें और एलएलएम की 19 सीटें संचालित हैं। कॉलेज से पढ़कर निकले कई छात्र आज न्यायपालिका और वकालत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
प्रिंसिपल सुशीला यादव ने बताया कि वह जल्द ही भिलाई पहुंचकर मीडिया के सामने पूरे मामले की हकीकत बताएंगी। BCI के समक्ष सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।




