नकली नोट से शराब खरीदने पहुंचा युवक गिरफ्तार: 500 के चार फर्जी नोटों के साथ दबोचा गया, सभी का सीरियल नंबर निकला एक ही

रायपुर से लाया था नकली नोट, देशी शराब दुकान में खपाने की फिराक में था आरोपी; एसबीआई जांच में हुई फर्जी नोटों की पुष्टि
जांजगीर-चांपा ( शिखर दर्शन ) // जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे एक युवक को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी देशी शराब दुकान में ₹500 का नकली नोट देकर शराब खरीदने पहुंचा था, लेकिन दुकान संचालक की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से ₹500 के चार नकली नोट बरामद हुए, जिनकी बैंक जांच में सभी नोट फर्जी पाए गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मंगलवार को अकलतरा स्थित देशी मदिरा दुकान से सूचना मिली कि एक युवक संदिग्ध ₹500 का नोट देकर शराब खरीदने का प्रयास कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सत्येन्द्र कुमार कुर्रे उर्फ सत्यम कुर्रे (30 वर्ष) निवासी दोमुहानी, थाना बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से ₹500 के चार संदिग्ध नोट बरामद हुए।
पुलिस ने बरामद नोटों की तत्काल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अकलतरा शाखा में जांच कराई, जहां चारों नोट नकली पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि सभी नोटों का सीरियल नंबर एक ही था, जिससे उनके फर्जी होने की पुष्टि हो गई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ये नकली नोट रायपुर से लेकर आया था और उन्हें शराब दुकान में चलाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी तक नकली नोट किस माध्यम से पहुंचे और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल है या नहीं।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 423/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 180 के तहत कार्रवाई की है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक कमलदास बैनर्जी, प्रधान आरक्षक शरीफ खान, आरक्षक वाल्मीकि राठौर तथा आरक्षक महेंद्र राज की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी पुलिस विभाग ने सराहना की।



