बिलासपुर संभाग

जनदर्शन में उमड़ा जनसैलाब: किसी ने मांगा मुआवजा, किसी ने छत, तो किसी ने इंसाफ; कलेक्टर के सामने छलका लोगों का दर्द

बाढ़, उजड़े आशियाने, डूबी फसल, जर्जर सड़क, दिव्यांगों की परेशानी, बिजली, रोजगार और शिक्षा समेत सैकड़ों समस्याएं पहुंचीं जनदर्शन; अधिकांश मामलों में मौके पर दिए गए कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // साप्ताहिक जनदर्शन इस बार आम लोगों की समस्याओं का सबसे बड़ा मंच बन गया। कलेक्टोरेट परिसर में सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याओं और उम्मीदों के साथ पहुंचे। किसी ने बाढ़ से उजड़े घर के लिए मुआवजा मांगा, किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान देने की गुहार लगाई, तो कोई डूबी हुई फसल, टूटी सड़क, खराब ट्राइसाइकिल, बिजली, शिक्षक, रोजगार और जमीन विवाद जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंचा।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एक-एक आवेदन की सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बाढ़ पीड़ितों ने मांगा मुआवजा और आवास:

जनदर्शन में सबसे अधिक संख्या उन लोगों की रही, जिनका जीवन हालिया बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। कई परिवारों ने बताया कि उनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए, घरेलू सामान बह गया और आर्थिक संकट गहरा गया है। लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की।

शंकर नगर निवासी निशा प्रधान ने बताया कि लगातार बारिश में उनका मकान पूरी तरह ढह गया। उन्होंने मुआवजा देने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान उपलब्ध कराने की मांग की।

दिव्यांग महिला ने सुनाई संघर्ष की कहानी:

सरकंडा क्षेत्र की एक दिव्यांग महिला अपने पति के साथ जनदर्शन पहुंची। महिला ने बताया कि बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और समाज कल्याण विभाग से मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी खराब हो गई। विभाग से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई। कलेक्टर ने ट्राइसाइकिल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

डूबी फसल पर किसानों ने मांगा मुआवजा:

ग्राम सेंदरी और कछार के किसानों ने आरोप लगाया कि प्राकृतिक नाले की जल निकासी बाधित होने से खेतों में पानी भर गया और धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने, अतिक्रमण हटाने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने की मांग की।

सड़क बनी दलदल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित:

ग्राम अमेरी के सतनाम नगर वार्ड के रहवासियों ने वर्षों से सड़क निर्माण नहीं होने की शिकायत की। उनका कहना था कि बारिश के दौरान पूरा रास्ता दलदल में बदल जाता है, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सड़क, नाली और नियमित सफाई व्यवस्था की मांग की।

आग से तबाह परिवार ने लगाई राहत की गुहार:

बेलगहना तहसील के ग्राम बहरामुड़ा निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले शॉर्ट सर्किट से उनका मकान और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया था। कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

रोजगार, ट्राइसाइकिल और बिजली की समस्याएं भी पहुंचीं:

ग्राम बाम्हू खैरा के दिव्यांग युवक ने आत्मनिर्भर बनने के लिए मत्स्य पालन की अनुमति मांगी, जबकि एक अन्य दिव्यांग महिला ने नई ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का आवेदन दिया।
दीनदयाल कॉलोनी के रहवासियों ने बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत की। वहीं धनगवां के स्कूल प्रबंधन समिति ने विद्यालय में गणित शिक्षक की नियुक्ति की मांग रखी।

रेशम पालन परियोजना में अनियमितता की शिकायत:

मस्तुरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत दर्राभांठा के सरपंच ने शासकीय भूमि पर संचालित रेशम पालन परियोजना में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की शिकायत करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

हर आवेदन में झलकता रहा संघर्ष:

जनदर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं भले अलग-अलग थीं, लेकिन सभी की उम्मीद प्रशासन से त्वरित राहत और न्याय की थी। बाढ़, मुआवजा, आवास, खेती, सड़क, बिजली, शिक्षा, रोजगार, दिव्यांग सहायता और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े सैकड़ों आवेदन प्रशासन को सौंपे गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

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