विश्व हिंदू परिषद छत्तीसगढ़ की कमान अब डॉ. ललित मखीजा के हाथों में, केंद्रीय बैठक में प्रांताध्यक्ष घोषित

बिलासपुर के प्रख्यात नेत्र चिकित्सक को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक समरसता को गति देने का लिया संकल्प
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 और 20 जुलाई को नई दिल्ली के छतरपुर में संपन्न हुई। बैठक में बिलासपुर के प्रख्यात नेत्र चिकित्सक, समाजसेवी एवं विनायक नेत्रालय के संचालक डॉ. ललित मखीजा को विश्व हिंदू परिषद, छत्तीसगढ़ प्रांत का नया प्रांताध्यक्ष घोषित किया गया। संगठन में लंबे समय से सक्रिय डॉ. मखीजा इससे पूर्व प्रांत उपाध्यक्ष के दायित्व का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
डॉ. मखीजा की नियुक्ति को न केवल विश्व हिंदू परिषद, बल्कि बिलासपुर के सामाजिक और संगठनात्मक परिदृश्य के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस दायित्व से बिलासपुर की संगठनात्मक पहचान और प्रभाव को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इसे छत्तीसगढ़ में संगठन की सक्रियता तथा बिलासपुर की बढ़ती भूमिका का प्रतीक बताया।
विनायक नेत्रालय में शुभकामनाएँ देने वालों का लगा ताँता
घोषणा के बाद मगरपारा रोड स्थित विनायक नेत्रालय में बधाई देने वालों का सिलसिला देर तक जारी रहा। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारतीय जनता पार्टी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शुभचिंतक बड़ी संख्या में पहुँचे तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर डॉ. मखीजा का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर प्रांत सह कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता, विभाग मंत्री राजीव शर्मा, जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता, धर्म जागरण समन्वय से भृगु अवस्थी, भाजपा जिला महामंत्री एस. के. मनहर, राजेश तिवारी, हिंदू जागरण मंच के सौरभ दुबे, अवनेश त्रिपाठी, संजू विरानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“यह सम्मान नहीं, समाज और राष्ट्र सेवा का उत्तरदायित्व है”
नवनियुक्त प्रांताध्यक्ष डॉ. ललित मखीजा ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने एक सामान्य कार्यकर्ता पर विश्वास जताकर जो दायित्व सौंपा है, उसके लिए वे संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान से अधिक समाज और राष्ट्र की सेवा का दायित्व है, जिसका निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन के सेवा, संस्कार, संगठन और सुरक्षा संबंधी कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की गतिविधियों को पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
प्राथमिकताओं में रहेंगे ये प्रमुख विषय
डॉ. मखीजा ने अपने संबोधन में संगठन की आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होंगे—
- युवाओं को भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन मूल्यों और राष्ट्रभाव से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान।
- धर्म जागरण, परिवार प्रबोधन और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार।
- सेवा गतिविधियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना।
- समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करना।
- संगठन की विचारधारा और सेवा कार्यों का प्रदेशभर में प्रभावी विस्तार।
उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न कारणों से अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से दूर हुए परिवारों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित कर उन्हें स्वैच्छिक रूप से अपनी मूल परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही समाज में भय, दबाव या प्रलोभन के आधार पर होने वाले धर्मांतरण के प्रति जनजागरण को भी संगठन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने जताया विश्वास
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ललित मखीजा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रांत में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और जनजागरण से जुड़े कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेंगे। उनके प्रांताध्यक्ष बनने पर संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।



