शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई ( शिखर दर्शन ) // भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूत रिकवरी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद बाजार ने शानदार वापसी करते हुए शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 77 हजार के स्तर पर कारोबार किया। वहीं, निफ्टी भी 150 अंक से अधिक चढ़कर 24,050 के आसपास पहुंच गया।
बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में रही सबसे ज्यादा खरीदारी
आज के कारोबार में बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। पिछले सत्र की बिकवाली के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में दोबारा निवेश किया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला असर
एशियाई शेयर बाजारों में गुरुवार को मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर घरेलू निवेशकों की खरीदारी का सकारात्मक असर दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजार में रहा दबाव
अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान दबाव देखने को मिला। डाउ जोंस और एसएंडपी 500 गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि नैस्डैक में हल्की बढ़त दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू मजबूती के दम पर अच्छी रिकवरी दिखाई।
संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मिला सहारा
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी। हालिया कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 1,963 करोड़ रुपये और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 790 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। पिछले सात दिनों में भी दोनों श्रेणियों के निवेशकों की खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला है।
एक दिन पहले आई थी बड़ी गिरावट
बुधवार को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई थी। सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसके बाद गुरुवार को निचले स्तरों पर हुई खरीदारी से बाजार में जोरदार सुधार देखने को मिला।
विशेषज्ञों ने जताई सकारात्मक उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी, घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत समर्थन और चुनिंदा क्षेत्रों में बढ़ती मांग से बाजार की धारणा फिलहाल सकारात्मक बनी हुई है। हालांकि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल आगे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



