रेलवे ओवरब्रिजों में दरार का मामला: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री को लिखा पत्र, उच्च स्तरीय जांच की मांग

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // राजनांदगांव जिले में हाल ही में निर्मित तीन रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें आने के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा निर्माण में लापरवाही बरतने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
बारिश के बाद पुलों में आई गंभीर दरारें

डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हाल ही में हुई बारिश के बाद राजनांदगांव जिले के बरगा, आलीवारा और मुसरा स्थित नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में गंभीर क्षति सामने आई है। उन्होंने कहा कि लोकार्पण के कुछ ही दिनों के भीतर पुलों में दरारें आना निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
26 करोड़ की लागत से बने थे ओवरब्रिज
उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन के नागपुर मंडल अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से इन रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण कराया गया था। जून 2026 में इनके लोकार्पण के कुछ दिनों बाद 4 और 5 जुलाई की बारिश के पश्चात पुलों में लगभग 60 से 70 फीट लंबी तथा 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई दीं। इसके बाद इन्हें आवागमन की दृष्टि से असुरक्षित माना जा रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण का लोकार्पण होने के कुछ ही दिनों बाद इस प्रकार क्षतिग्रस्त होना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने रेल मंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, परामर्शदाता और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
सुरक्षा परीक्षण और मरम्मत का आग्रह
डॉ. रमन सिंह ने सभी प्रभावित ओवरब्रिजों का तत्काल सुरक्षा परीक्षण कराने तथा आवश्यक मरम्मत अथवा जरूरत पड़ने पर पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है, ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनहित और सार्वजनिक धन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करेगा।


