छात्रावास भवन के भूमिपूजन पर सियासत तेज, सीएम साय और पूर्व सीएम बघेल में श्रेय लेने को लेकर जुबानी जंग

मेडिकल कॉलेज छात्रावास के शिलान्यास पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर लगाए राजनीति करने के आरोप
रायपुर (शिखर दर्शन) // जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में 200 सीटर छात्रावास भवन के भूमिपूजन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। छात्रावास भवन के शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच श्रेय लेने को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर विकास कार्यों का श्रेय लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भूपेश बघेल बोले- 2021 में मिल चुकी थी स्वीकृति
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि छात्रावास भवन को वर्ष 2021 में ही स्वीकृति मिल चुकी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परियोजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी तो अब दोबारा शिलान्यास क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सलाह देते हुए कहा कि वे ऐसे प्रपंचों से बचें और अधिकारियों द्वारा गुमराह होने से सावधान रहें।
मुख्यमंत्री साय का पलटवार, कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि छात्रावास भवन की स्वीकृति डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को पांच वर्ष का समय मिला, लेकिन वह निर्माण कार्य शुरू नहीं करा सकी। छात्रों की मांग को देखते हुए वर्तमान सरकार ने अब इस परियोजना पर काम शुरू कराया है।
बोले- श्रेय लेने की राजनीति कांग्रेस की पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रेय लेने की राजनीति भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस करती रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केलो परियोजना का कांग्रेस ने कई बार भूमिपूजन किया, लेकिन पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई। भाजपा सरकार ने स्वीकृति के साथ काम शुरू कराया और परियोजना को पूरा भी कराया।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी दी चुनौती
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में रमन सरकार ने छात्रावास भवन को स्वीकृति दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार अपने पूरे कार्यकाल में निर्माण शुरू नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री अपने दावे पर कायम हैं तो उसके प्रमाण प्रस्तुत करें। उन्होंने इस मुद्दे पर खुली बहस की भी चुनौती दी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच निर्माण कार्य पर नजर
छात्रावास भवन के भूमिपूजन को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस इसे पहले से स्वीकृत परियोजना बताकर सरकार पर श्रेय लेने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि पिछली सरकार ने परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया और वर्तमान सरकार उसे धरातल पर उतार रही है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ छात्रावास निर्माण की प्रगति पर भी सभी की नजर रहेगी।




