बिलासपुर संभाग

‘मन की बात’ में देश ने सुना था मल्हार, आज बदहाल सड़कें पूछ रहीं—आखिर विकास कब होगा?

ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन नगरी की पहचान पर जर्जर सड़कें लगा रहीं दाग, बरसात में गड्ढों ने बढ़ाई जनता की मुश्किलें

जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभाग पर उठ रहे सवाल

मल्हार ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक पहचान रखने वाला नगर पंचायत मल्हार आज अपनी सबसे बुनियादी आवश्यकता—सड़क—के लिए संघर्ष कर रहा है। एक समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अपनी ऐतिहासिक विरासत के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बना मल्हार, आज बदहाल सड़कों और गहरे गड्ढों की वजह से लोगों की पीड़ा का प्रतीक बन गया है। बरसात शुरू होते ही मुख्य मार्ग की स्थिति और भी भयावह हो गई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर की मुख्य सड़क, जो बस स्टैंड से प्रवेश द्वार होते हुए मां डिडनेश्वरी मंदिर तक जाती है, वर्षों से चौड़ीकरण और नवीनीकरण की प्रतीक्षा कर रही है। यह मार्ग केवल मल्हार नगर की जीवनरेखा ही नहीं, बल्कि आसपास के अनेक गांवों तथा जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिले के लोगों के आवागमन का भी प्रमुख रास्ता है। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा लगातार बनी हुई है।

शिकायतें हुईं, आश्वासन भी मिले, लेकिन सड़क नहीं बदली

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की मांग को लेकर कई बार संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। विभिन्न मंचों पर इस विषय को उठाया गया, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। हर बरसात में सड़क और अधिक क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है।

लोगों का आरोप है कि चुनावी दौर में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सबसे जरूरी बुनियादी सुविधाओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। यही कारण है कि स्थानीय लोगों में जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी की पहचान पर भी असर

मल्हार केवल एक नगर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर, पुरातात्विक अवशेष और मां डिडनेश्वरी मंदिर वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। देश-विदेश से शोधार्थी और इतिहास प्रेमी भी यहां पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं आस्था केंद्र तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग ही बदहाल होने से आगंतुकों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले नगर की प्रवेश सड़क ही जर्जर रहेगी तो इससे क्षेत्र की छवि भी प्रभावित होगी और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी असर पड़ेगा।

बरसात में बढ़ी परेशानी, रोजाना झेल रहे जोखिम

लगातार हो रही बारिश ने सड़क की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढों का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी कीचड़ और जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है और व्यवसाय पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

जनता की मांग—अब केवल आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए

नगरवासियों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मल्हार की मुख्य सड़क का तकनीकी सर्वे कराकर शीघ्र चौड़ीकरण एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पुनर्निर्माण कराया जाए। नागरिकों का कहना है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मल्हार को केवल भाषणों और योजनाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर भी विकास का अधिकार मिलना चाहिए।

लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते सड़क का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। मल्हार जैसे गौरवशाली नगर की पहचान उसकी ऐतिहासिक विरासत से है, लेकिन आज वही नगर बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण विकास की हकीकत बयान कर रहा है।

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