जांजगीर-चांपा पुलिस को मिली डिजिटल ताकत: 99 हाईटेक मोबाइल से अब साक्ष्य संग्रहण और जांच को मिलेगी नई रफ्तार

डिजिटल तकनीक से लैस होगी पुलिसिंग, एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने विवेचकों को बांटे हाईटेक मोबाइल
जांजगीर-चांपा (शिखर दर्शन)। अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, वैज्ञानिक विवेचना और डिजिटल साक्ष्य संग्रहण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने जिले के विवेचकों को 99 हाईटेक मोबाइल फोन वितरित किए। इस पहल से घटनास्थल पर डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन, जांच में पारदर्शिता और समयबद्ध विवेचना को नई मजबूती मिलेगी।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में जिले के पुलिस अधिकारियों और विवेचकों की उपस्थिति में मोबाइल फोन वितरित किए गए। इस दौरान बताया गया कि अब विवेचक घटनास्थल पर ही फोटो, वीडियो, लोकेशन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तत्काल संग्रहण कर उन्हें सुरक्षित रूप से संरक्षित कर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की विवेचना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, इसलिए घटनास्थल से प्राप्त प्रत्येक महत्वपूर्ण साक्ष्य का वैज्ञानिक तरीके से संकलन और संरक्षण किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने विवेचकों से त्वरित रिस्पॉन्स, घटनास्थल का डिजिटल दस्तावेजीकरण, वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संग्रहण तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया, ताकि अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी हो और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता होगी मजबूत
पुलिस विभाग के अनुसार हाईटेक मोबाइल की सहायता से विवेचक घटनास्थल का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सकेंगे, आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करेंगे तथा जांच के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रियल टाइम समन्वय स्थापित कर पाएंगे। इससे न केवल विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पूरी जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनेगी।
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से अपराध अनुसंधान की कार्यकुशलता बढ़ेगी, साक्ष्यों के संरक्षण में त्रुटियों की संभावना कम होगी तथा न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल जिले में आधुनिक और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।



