नगर निगम की विशेष सभा में बदहाल व्यवस्था उजागर, छत टपकती रही और अधिकारी मोबाइल पर गेम खेलते रहे

जलभराव और नागरिक सुविधाओं पर मंथन के बीच सामने आई लापरवाही, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
रायपुर (शिखर दर्शन)। मानसून के दौरान शहर में जलभराव, नालों की सफाई और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित विशेष सामान्य सभा खुद अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आई। एक ओर सभाकक्ष में शहर की समस्याओं पर गंभीर चर्चा चल रही थी, वहीं दूसरी ओर छत से लगातार पानी टपकता रहा। इतना ही नहीं, बैठक के दौरान कुछ अधिकारी मोबाइल फोन पर गेम खेलते दिखाई दिए, जिससे उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए।
जलभराव, सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर हुई चर्चा
विशेष सामान्य सभा में महापौर, मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य तथा निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर में बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव, नालों की सफाई, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई सवाल भी उठाए।
सभाकक्ष की छत टपकती रही, गमले और डस्टबिन रखकर संभाली गई स्थिति
बैठक के दौरान सभाकक्ष की छत से कई स्थानों पर पानी टपकने लगा। स्थिति संभालने के लिए कर्मचारियों ने टपकते पानी के नीचे गमले और डस्टबिन रख दिए। जिस भवन में शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने की रणनीति बनाई जा रही थी, वहीं की बदहाल स्थिति चर्चा का विषय बन गई। घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
मोबाइल पर गेम खेलते दिखे अधिकारी

सभा के दौरान कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन पर गेम खेलते हुए दिखाई देने की तस्वीरें भी सामने आईं। जब सदन में शहर की गंभीर समस्याओं पर चर्चा चल रही थी, उस समय अधिकारियों का यह रवैया लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसे लेकर अधिकारियों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
3,000 करोड़ के बजट के बावजूद जलभराव की समस्या
गौरतलब है कि रायपुर नगर निगम ने वर्ष 2026-27 के बजट में नालों की सफाई, जल निकासी और विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के करीब 2,000 करोड़ रुपये के बजट से काफी अधिक है। इसके बावजूद मानसून की शुरुआत में ही शहर के कई इलाकों में जलभराव और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
विशेष सामान्य सभा की तस्वीरों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर शहर की समस्याओं के समाधान पर चर्चा होती रही, वहीं दूसरी ओर निगम मुख्यालय की छत से पानी टपकना और अधिकारियों का बैठक के दौरान मोबाइल पर व्यस्त दिखाई देना प्रशासनिक तैयारियों और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।



