अन्तर्राष्ट्रीय

ट्रंप की डेडलाइन खत्म: रूस-ईरान से तेल खरीद पर रोक, भारत पर असर संभव

अमेरिका ने छूट बढ़ाने से किया इनकार, वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ सकती है हलचल

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // अमेरिका द्वारा दी गई अस्थायी छूट समाप्त होने के बाद अब भारत सहित कई देश रूस और ईरान से तेल खरीद नहीं कर पाएंगे। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौर में तय प्रतिबंधों के तहत दी गई समयसीमा खत्म हो चुकी है और अमेरिका ने इसे आगे बढ़ाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा करते हुए कहा कि रूस और ईरान से तेल खरीद की अनुमति देने वाले सामान्य लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। रूसी तेल पर दी गई छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जबकि ईरानी तेल पर यह राहत 19 अप्रैल तक ही प्रभावी रहेगी। इसके बाद इन देशों से तेल खरीदना प्रतिबंधित हो जाएगा।

दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके चलते अमेरिका ने अस्थायी रूप से कुछ देशों को रूस और ईरान से तेल खरीदने की अनुमति दी थी। इस निर्णय का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित रखना और आपूर्ति बनाए रखना था।

अमेरिका ने 12 मार्च को 30 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए भारतीय रिफाइनरियों को पहले से लदे रूसी तेल को खरीदने की अनुमति दी थी। यह छूट केवल उन खेपों पर लागू थी, जो प्रतिबंध लागू होने के समय समुद्र में थीं। अब यह अवधि समाप्त हो चुकी है और अमेरिका ने साफ कर दिया है कि आगे किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर असर पड़ सकता है और उन्हें वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति बनानी होगी। वहीं वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना भी बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में आर्थिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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