‘बांग्लादेश क्रांति’ से प्रेरणा लेने के बयान पर विवाद, राहुल गांधी के प्रदर्शन में चर्चा में आईं नेहा बोरा

भारत और बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों की तुलना की; दिल्ली में ‘वन पीस’ प्रतीक वाली टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन में शामिल होने पर भी खींचा था ध्यान

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा चर्चा में हैं। 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के छात्र संगठन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए दिए गए वीडियो संदेश में उन्होंने बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि वहां के आंदोलन ने भारतीय युवाओं को रास्ता दिखाया है। इस बयान पर भाजपा ने राहुल गांधी और नेहा बोरा को निशाने पर लिया है।
बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात
नेहा बोरा ने अपने संदेश में बांग्लादेश के छात्र संगठन के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के युवा भी लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के छात्र और युवा बेहतर दक्षिण एशिया तथा बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

उनके बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने इसे भारत में सत्ता परिवर्तन की मंशा से जोड़कर आलोचना की है। वहीं, नेहा बोरा ने अपने संदेश में लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े आंदोलनों से प्रेरणा लेने की बात कही थी।
‘वन पीस’ और खोपड़ी वाली टी-शर्ट भी बनी थी चर्चा का विषय
10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान नेहा बोरा खोपड़ी के निशान और उसके नीचे ‘वन पीस’ लिखा हुआ टी-शर्ट पहने नजर आई थीं। इस पोशाक ने भी लोगों का ध्यान खींचा था।
‘वन पीस’ जापानी मंगा और एनीमे श्रृंखला का नाम है। इसमें स्ट्रॉ हैट पाइरेट्स का झंडा खोपड़ी और हड्डियों के निशान वाला है। हाल के वर्षों में इस प्रतीक का इस्तेमाल कुछ युवा आंदोलनों में विरोध और बदलाव की मांग के संकेत के रूप में भी किया गया है
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी है विरोध
नेहा बोरा उन छात्र नेताओं में शामिल हैं, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
इस पूरे मामले में एक ओर विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा ने प्रदर्शन और नेहा बोरा के बयान को लेकर राजनीतिक आपत्ति जताई है। बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरणा लेने संबंधी उनका बयान अब इस राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है।



