सुकमा की श्यामा मजूमदार का 4 महीने से बिजली बिल शून्य, सूर्य घर योजना से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा अपनाने वाले परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिल रही है। सुकमा की श्यामा मजूमदार के घर पर 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं। उनके अनुसार, पिछले चार महीनों से बिजली बिल शून्य आ रहा है।
रायपुर ( शिखर दर्शन ) //
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से घरेलू बिजली खर्च में बचत की मिसाल सामने आई है। पटनमपारा निवासी श्यामा मजूमदार के घर की बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं। पहले जहां उन्हें हर महीने 300 से 500 रुपये तक बिजली बिल चुकाना पड़ता था, वहीं उनके मुताबिक पिछले चार महीनों से बिजली बिल शून्य दर्ज हो रहा है।
3 किलोवाट के सोलर पैनल से बिजली खर्च में राहत
श्यामा मजूमदार के घर की छत पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे उनके परिवार को बिजली खर्च में बचत हो रही है और हर महीने आने वाले बिल की चिंता भी कम हुई है।
श्यामा के अनुसार, पहले बिजली बिल घरेलू खर्च का नियमित हिस्सा था। सोलर पैनल लगने के बाद घर की बिजली जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी हैं। घर में खपत से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में पहुंच रही है, जिसके बदले बिजली खाते में क्रेडिट भी जमा हो रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार से मिली 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी
सोलर पैनल लगवाने के लिए श्यामा मजूमदार को कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सहायता शामिल है।
सरकार की इस आर्थिक सहायता से उनके लिए घर पर सोलर पैनल लगवाना आसान हुआ। अब सौर ऊर्जा का उपयोग कर परिवार नियमित बिजली खर्च में बचत कर रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
श्यामा मजूमदार का अनुभव बताता है कि सरकारी सब्सिडी के माध्यम से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत बिजली की खपत, सोलर सिस्टम की क्षमता और बिजली बिल के समायोजन पर निर्भर करती है।



