भू-राजनीतिक तनाव से बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे करोड़ों

ईरान-इजराइल संघर्ष का असर, आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली; वैश्विक बाजारों में भी गिरावट
मुंबई ( शिखर दर्शन ) // पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। ईरान और इजराइल के बीच बढ़े सैन्य टकराव के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई, जिसके चलते सेंसेक्स करीब 500 अंक और निफ्टी लगभग 200 अंक तक लुढ़क गया। बाजार में आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई।
मध्य-पूर्व संकट से बढ़ी निवेशकों की चिंता
अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइल हमला किए जाने और उसके जवाब में इजराइल की ओर से ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया, जिसका असर शेयर बाजारों पर देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजार भी दबाव में रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया।
अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेत
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार भी भारी दबाव में रहे। डॉव जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी-500 में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी और ग्रोथ शेयरों में बिकवाली के कारण वैश्विक निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। हाल के कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा देने का प्रयास किया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत ?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य नहीं होती और वैश्विक बाजारों में स्थिरता नहीं लौटती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को घबराहट में निर्णय लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।



