फिलीपींस में भूकंप से भारी तबाही: तीन बड़े झटकों से कांपी धरती, सुनामी अलर्ट ने बढ़ाई चिंता

7.8 तीव्रता के भूकंप से दहला मिंडानाओ, कई इमारतें ध्वस्त; जापान, इंडोनेशिया और मलेशिया तक चेतावनी जारी
मनीला ( शिखर दर्शन ) // फिलीपींस में सोमवार तड़के आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक दहशत फैला दी। मिंडानाओ द्वीप के निकट आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने एक घंटे के भीतर तीन बार धरती को हिलाकर रख दिया। तेज झटकों के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जबकि जनहानि की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
एक घंटे में तीन बार कांपी धरती
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार पहला और सबसे शक्तिशाली झटका सुबह 5:07 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 7.8 दर्ज की गई। इसके बाद 5:18 बजे 6.4 तीव्रता और सुबह 6:25 बजे 6.6 तीव्रता का एक और झटका आया। लगातार आए भूकंपों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए।
कई इमारतें ढहीं, राहत कार्य जारी
भूकंप के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कई भवनों को क्षतिग्रस्त तथा कुछ इमारतों को जमींदोज होते देखा गया है। जनरल सैंटोस सिटी सहित प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने आपातकालीन टीमें तैनात कर दी हैं। प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सुनामी अलर्ट से तटीय क्षेत्रों में सतर्कता
शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कई देशों के लिए अलर्ट जारी किया है। फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, ताइवान, गुआम और पापुआ न्यू गिनी के तटीय क्षेत्रों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का असर फिलीपींस तक सीमित नहीं रहा। इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में भी कंपन महसूस किया गया। कई स्थानों पर लोग एहतियातन खुले मैदानों में पहुंच गए। स्थानीय एजेंसियों ने संभावित समुद्री लहरों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है फिलीपींस
फिलीपींस प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित है जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं। इसी कारण देश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
प्रशासन की नजर स्थिति पर
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।



