रायपुर संभाग

आम की छांव में सजा मुख्यमंत्री का जनदरबार, निमधा को मिली नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की सौगात

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सीएम साय ने सुनी समस्याएं, राजस्व अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की।

सुशासन तिहार से गांव-गांव पहुंच रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

तीन बड़ी मांगें, तीनों को मिली मंजूरी

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों तथा मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम और सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा कर दी, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया।

बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश

ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस पर उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे।

राजस्व अमले को दो टूक चेतावनी

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से जवाबदेही और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता झलकती नजर आई।

लखपति नहीं, अब बनें करोड़पति दीदी

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों और घरेलू खर्चों में महत्वपूर्ण सहयोग कर रही है।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

जल्द शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

महिलाओं ने भेंट किए स्थानीय उत्पाद

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

स्थानीय व्यंजनों का लिया स्वाद, पुस्तक का किया विमोचन

ग्रामीण परिवेश में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस अवसर पर उन्होंने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

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