नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, अश्लील फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

सूने फ्लैट में ले जाकर की वारदात, दोस्तों ने भी धमकाकर बनाया संबंध
ग्वालियर ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने नौकरी के बहाने युवती को अपने जाल में फंसाया और सूने फ्लैट में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती की। बाद में आरोपी और उसके दो दोस्तों ने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता की शिकायत पर थाटीपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नौकरी की तलाश में हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, थाटीपुर थाना क्षेत्र के कुम्हरपुरा निवासी 23 वर्षीय युवती की मुलाकात मई 2025 में नौकरी की तलाश के दौरान विनय जाटव नामक युवक से हुई थी। युवती ने उसके यहां दो दिन काम भी किया, लेकिन काम पसंद नहीं आने पर नौकरी छोड़ दी। इसके बावजूद विनय लगातार उससे संपर्क करता रहा।
बहाने से फ्लैट पर बुलाकर की ज्यादती
पीड़िता का आरोप है कि जून 2025 में विनय उसे बहाने से अल्कापुरी स्थित एक सूने फ्लैट पर ले गया। वहां उसने विरोध के बावजूद युवती के साथ जबरदस्ती की और अशोभनीय हरकतें कीं। सामाजिक बदनामी के डर से युवती ने उस समय किसी को घटना की जानकारी नहीं दी।
फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद विनय के दो दोस्त आदर्श उर्फ विनीत जाटव और प्रांशू उर्फ पीयूष माझी भी उसे ब्लैकमेल करने लगे। 2 जून 2026 को आदर्श ने फोन कर दावा किया कि उसके फोटो और वीडियो इंटरनेट पर मौजूद हैं तथा उन्हें हटाने के बदले और तस्वीरें भेजने का दबाव बनाया। वहीं प्रांशू लगातार व्हाट्सएप कॉल कर मिलने के लिए मजबूर करता रहा।
परिवार को बताई आपबीती, पुलिस ने की कार्रवाई
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाटीपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, छेड़छाड़ और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।



