जहां लगती थी नक्सलियों की जन अदालत, वहीं मुख्यमंत्री साय की जनचौपाल, विकास और विश्वास का नया अध्याय

बीजापुर के कोंडपल्ली गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, सुनी समस्याएं और मांगे

बीजापुर ( शिखर दर्शन ) // कभी नक्सलियों की जन अदालतों और लाल आतंक के लिए पहचान रखने वाला बीजापुर जिले का कोंडपल्ली गांव अब बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसी गांव में पहुंचकर इमली के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने विकास और विश्वास के नए दौर का संदेश दिया।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
मुख्यमंत्री साय के समक्ष ग्रामीणों ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वे नक्सलियों के भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर थे। लेकिन अब गांवों तक सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। इससे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव और विकास की नई उम्मीद जगी है।
अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं पर हुई चर्चा
जनचौपाल कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र में विकास की नई कहानी
कोंडपल्ली वही गांव है जहां कभी नक्सलियों की जन अदालतें लगती थीं और शासन-प्रशासन की पहुंच बेहद सीमित थी। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब यहां तेजी से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। सरकार द्वारा सड़क, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेगा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद के कारण आदिवासी क्षेत्रों का विकास बाधित रहा और लोग शासन की योजनाओं से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के नेतृत्व एवं संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है। अब सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।
सुशासन तिहार बना भरोसे का माध्यम
सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित समाधान का प्रयास कर रही है। कोंडपल्ली में आयोजित जनचौपाल ने यह संदेश दिया कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब विकास, संवाद और जनभागीदारी की नई शुरुआत हो रही है।






