भोजशाला पहुंचे टी राजा सिंह, बोले- अयोध्या के बाद हिंदुओं की दूसरी बड़ी विजय; अब काशी-मथुरा की बारी

महाआरती में हुए शामिल, मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा भारत लाने की उठाई मांग; भाषण में दिए कई तीखे बयान
धार ( शिखर दर्शन ) // तेलंगाना के विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह मंगलवार को मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। यहां उनके आगमन पर हिंदूवादी संगठनों और श्रद्धालुओं ने ढोल-ताशों, जयघोष और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। भोजशाला परिसर पहुंचकर उन्होंने मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन किए और महाआरती में भाग लिया।
“पहले यहां से दर्द लेकर जाता था”
आरती के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए टी राजा सिंह ने कहा कि जब भी वह पहले भोजशाला आते थे, तो यहां की परिस्थितियों को देखकर मन दुखी हो जाता था। उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदली हुई नजर आ रही है और इससे श्रद्धालुओं में संतोष का भाव है।
उन्होंने दावा किया कि अयोध्या के बाद भोजशाला का मुद्दा हिंदू समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री मोदी की सराहना
अपने संबोधन में टी राजा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़े विषयों को महत्व दिया है।
हालांकि अपने भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मां वाग्देवी की प्रतिमा भारत लाने की मांग
टी राजा सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा कर लंदन स्थित संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को भारत वापस लाने के प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा की पुनर्स्थापना होने पर भोजशाला देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सकती है।
काशी और मथुरा का भी किया उल्लेख
अपने भाषण में टी राजा सिंह ने कहा कि अयोध्या के बाद भोजशाला को हिंदुओं की दूसरी बड़ी विजय के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में काशी और मथुरा से जुड़े मुद्दों पर भी समाधान की दिशा में प्रगति होगी।
उनके इस बयान के बाद भोजशाला परिसर में मौजूद समर्थकों ने जयकारे लगाए और कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।


