CM साय ने टॉपर्स विद्यार्थियों से किया संवाद, बोले- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत और अनुशासन ही असली मंत्र

मुख्यमंत्री निवास में मेधावी छात्रों से आत्मीय मुलाकात, संघर्ष से सफलता तक की अपनी कहानी भी सुनाई
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // विष्णुदेव साय ने आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से सराबोर नजर आया।
सफलता के लिए अनुशासन और मेहनत जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा व्यक्ति और समाज दोनों के विकास का आधार है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस समेत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की इच्छा जताई।
पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य पर भी दें ध्यान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव साझा करवाते हुए कहा कि नियमित अभ्यास, समय का सही प्रबंधन और निरंतरता सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए बताया कि वे स्वयं भी प्रतिदिन योग करते हैं और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।
संघर्षों से भरी रही मुख्यमंत्री की जीवन यात्रा
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी भी विद्यार्थियों से साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का कठिन संघर्ष देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।
सुशासन तिहार से जनता के बीच पहुंच रही सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से वे गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
राजनीति में नहीं आते तो बनते किसान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते तो एक अच्छे किसान बनकर कृषि और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि आधारित गतिविधियों में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं और पढ़े-लिखे युवा इसमें आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर सकते हैं।
माता-पिता और शिक्षकों के सम्मान की सीख
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। साथ ही प्रदेश में उच्च शिक्षा के कई प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने भी दी बधाई
इस अवसर पर गजेंद्र यादव ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री निवास में बच्चों ने बिताए यादगार पल
मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए।

विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का बेहद प्रेरणादायी और यादगार पल बताया। उल्लेखनीय है कि इन मेधावी विद्यार्थियों को राज्य शासन की पहल पर एक दिन पहले नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल मैच देखने का अवसर भी दिया गया था, जिसके लिए विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।



