बरगी बांध क्रूज हादसे की होगी न्यायिक जांच, तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगा आयोग

जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपी गई है। आयोग तीन महीने के भीतर अपनी जांच पूरी कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट देगा।
हादसे की वजह और जिम्मेदारों की होगी पड़ताल
जांच आयोग यह पता लगाएगा कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। साथ ही हादसे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और मौसम संबंधी सतर्कता को लेकर भी जांच की जाएगी।
बचाव कार्यों की भी होगी समीक्षा
सरकार ने आयोग को हादसे के बाद किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की जांच करने के निर्देश दिए हैं। बचाव कार्य कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से हुआ, इसमें कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

प्रदेशभर की नौका सेवाओं का होगा सुरक्षा ऑडिट
आयोग केवल बरगी हादसे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश में संचालित सभी क्रूज और नौका सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट भी करेगा। इसके तहत संचालन, रखरखाव और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच की जाएगी।
नई सुरक्षा नीति बनाने पर भी होगा काम
जांच आयोग को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वह जल पर्यटन और नौका संचालन के लिए एक समान मानक प्रक्रिया तैयार करे। इसके अलावा जल गतिविधियों वाले क्षेत्रों में त्वरित बचाव दल यानी क्विक रिस्पांस टीम गठित करने को लेकर भी सुझाव देगा।
आंधी-तूफान के बीच पलट गया था क्रूज
गौरतलब है कि 30 अप्रैल 2026 की शाम बरगी बांध में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज अचानक आए तेज तूफान और आंधी के बीच पलट गया था। हादसे के समय तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण क्रूज असंतुलित हो गया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रदेशभर में जल पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे।



