मध्यप्रदेश

11 मई महाकाल भस्म आरती : सूर्य देव के दिव्य स्वरूप में हुए बाबा महाकाल के दर्शन

भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जयकारों से गूंजा महाकाल मंदिर

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर सोमवार तड़के भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान महाकाल का विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर बाबा महाकाल का आकर्षक और दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना रहा।

पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार

मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का अलौकिक श्रृंगार किया गया।

मस्तक पर विराजे सूर्य देव

भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल के मस्तक पर सूर्य देव का दिव्य स्वरूप सजाया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और रंग-बिरंगे पुष्पों से ज्योतिर्लिंग का भव्य अलंकरण किया गया। बाबा का यह स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता नजर आया।

मंत्रोच्चार के बीच हुई भस्म आरती

भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर विधि-विधान से भस्म रमाई गई। पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों और बाबा महाकाल के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।

श्रद्धालुओं ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

सुबह की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर सुख-समृद्धि और मंगल कामना का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!