सनातन शिक्षा, धर्मांतरण और युवा पीढ़ी पर बोले देवकी नंदन ठाकुर, सनातन बोर्ड गठन की भी उठाई मांग

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सनातन धर्म, शिक्षा, युवा पीढ़ी, धर्मांतरण और सामाजिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बच्चों में नैतिक संस्कार और धार्मिक ज्ञान की कमी चिंता का विषय है तथा विद्यालयों में चरित्र निर्माण पर आधारित शिक्षा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुसलमान और ईसाई समुदाय के बच्चे अपने धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में हिंदू बच्चों को गीता और महाभारत का ज्ञान नहीं मिल पाता। उनके अनुसार केवल आर्थिक सफलता की शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है।
सनातन बोर्ड गठन की मांग
देवकी नंदन ठाकुर ने देश में सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि गुरुकुलों और मंदिरों को भी संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
धर्मांतरण पर जताई चिंता
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म किसी का धर्म परिवर्तन कराने की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता है।
शिक्षा व्यवस्था और चरित्र निर्माण पर जोर
विद्यालयों में शिक्षा की वर्तमान व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल मनोरंजन आधारित गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण भी होना चाहिए तथा विद्यार्थियों को सावित्री, रानी लक्ष्मीबाई और माता सीता जैसे आदर्श चरित्रों से परिचित कराया जाना चाहिए।
लिव-इन रिलेशनशिप पर रखे विचार
हाल के कुछ चर्चित आपराधिक मामलों का उल्लेख करते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने लिव-इन रिलेशनशिप पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।
संसद में धर्माचार्यों के प्रतिनिधित्व की वकालत
उन्होंने सुझाव दिया कि संसद में धर्म और नैतिक मूल्यों से जुड़े व्यक्तित्वों के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार समाज और राष्ट्र के हित में नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी की टिप्पणी
राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर अभी सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह रहे हैं, तो संभव है कि भविष्य में कोई बड़ा निर्णय सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत आकलन है।



