‘पेपर लीक युवाओं के सपनों की हत्या’, बिलासपुर में गरजे राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी

‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत केंद्र सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत रविवार को बिलासपुर पहुंचे राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों, मेहनत और भविष्य पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो जाने से उनकी मेहनत व्यर्थ चली जाती है।
89 पेपर लीक और 6.5 करोड़ अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा
इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनसे 6.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से निराश होकर 21 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है, जबकि लाखों परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
40 दिनों तक चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
उन्होंने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है, जो 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इसके तहत छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवाओं तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सामने लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिलासपुर इस अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
राहुल गांधी के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान
राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जा सके। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूलभूत सवालों से लगातार बच रही है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।



