रायपुर संभाग

नए सत्र के बीच सरकारी स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण में तेजी के निर्देश, गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों के निर्माण और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने सभी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में बालिका शौचालय नहीं हैं अथवा निर्माण कार्य अधूरा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कर शत-प्रतिशत सुविधा सुनिश्चित की जाए।

समय-सीमा और गुणवत्ता पर विशेष जोर

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में पंचायत विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

स्कूल खुल चुके, इसलिए बढ़ी प्राथमिकता

प्रदेश के अधिकांश शासकीय और निजी विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और छात्र-छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए बैठक में बालिका शौचालय निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जहां शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कराया जाए तथा जहां निर्माण पूरा हो चुका है, वहां उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता भी सुनिश्चित की जाए।

छात्राओं की शिक्षा से जुड़ा अहम विषय

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ बालिका शौचालय छात्राओं की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य और शिक्षा की निरंतरता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बालिका अनुकूल आधारभूत सुविधाएं विद्यालय छोड़ने की समस्या को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

नियमित निरीक्षण के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सीईओ को नियमित रूप से विकासखंडों का दौरा कर निर्माण कार्यों की समीक्षा करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने पर विशेष बल दिया गया।

इन विकास कार्यों को भी मिली प्राथमिकता

बैठक में वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत बालिका शौचालय, अतिरिक्त कक्ष, पीएम श्री विद्यालयों के निर्माण, आंगनबाड़ी भवन, धान खरीदी केंद्रों में चबूतरे, पोटा केबिन, धरसा विकास तथा मुक्तिधाम निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।

आवास, जल संरक्षण और सौर ऊर्जा पर भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में जिन गांवों में मुक्तिधाम नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। अनुपयोगी एवं खराब पड़े बोरवेलों को इंजेक्शन वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो टैगिंग सुनिश्चित करने तथा आवास निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा जिन जिला पंचायत भवनों में अभी तक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं हुए हैं, वहां सोलर सिस्टम लगाने तथा उनके रखरखाव की जिम्मेदारी प्रशिक्षण प्राप्त महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!