पुलिस को मिली स्मार्ट तकनीक की ताकत, विवेचकों को वितरित किए गए मोबाइल डेटा टर्मिनल

रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिसिंग को आधुनिक, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जिले के विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी) वितरित किए। इन उपकरणों की सहायता से अब पुलिस घटनास्थल पर ही फोटो, वीडियो, लोकेशन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन और रिकॉर्डिंग कर सकेगी।
मौके पर ही अपडेट होगी केस की जानकारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद पुलिस विवेचना में डिजिटल तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल के माध्यम से विवेचक घटनास्थल से ही पुलिस एप्लीकेशन में प्रकरण से संबंधित जानकारी तत्काल अपडेट कर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी।
वैज्ञानिक जांच से मजबूत होंगे आपराधिक मामले
उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्ष्य न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर की गई विवेचना से अपराधियों के विरुद्ध सशक्त प्रकरण तैयार होंगे और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने में सहायता मिलेगी।
नए कानूनों के अनुरूप जांच पर जोर
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिए कि मोबाइल डेटा टर्मिनल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए किया जाए। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के प्रावधानों के अनुरूप तकनीक आधारित विवेचना को प्राथमिकता दी जाए।
अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी प्रभात पटेल, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, यातायात डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।



