अंडरब्रिज में महिला बेखबर सोती रही, जिम्मेदार बेपरवाह; सिरगिट्टी रेलवे अंडरब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // शहर के सिरगिट्टी क्षेत्र को मुख्य शहर से जोड़ने वाले रेलवे अंडरब्रिज में गुरुवार को एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। अंडरब्रिज के मुहाने पर एक महिला पुल की दीवार से सटकर गहरी नींद में सोती रही, जबकि उसी दौरान वहां से लगातार दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा। हैरानी की बात यह रही कि न तो किसी जिम्मेदार विभाग की नजर उस महिला पर पड़ी और न ही किसी ने उसकी सुरक्षा की चिंता की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन का पहिया महिला के ऊपर चढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

“सिरगिट्टी रेलवे अंडरब्रिज के मुहाने पर दीवार से सटकर सोती महिला। इसी दौरान लगातार वाहनों का आवागमन जारी रहा।”
17 गांवों को जोड़ने वाला है व्यस्त मार्ग
सिरगिट्टी रेलवे अंडरब्रिज शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यह मार्ग लगभग 17 ग्रामीण क्षेत्रों को बिलासपुर शहर से जोड़ता है, जिसके कारण दिनभर भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर किसी व्यक्ति का इस तरह अंडरब्रिज के भीतर सोना न केवल चिंताजनक है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।
रखरखाव रेलवे के जिम्मे, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था नदारद
स्थानीय लोगों के अनुसार अंडरब्रिज के रखरखाव, प्रकाश व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी रेलवे की है। इसके बावजूद यहां न तो रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की नियमित गश्त दिखाई देती है और न ही किसी प्रकार की निगरानी व्यवस्था है। अंडरब्रिज के भीतर सुरक्षा संबंधी कोई चेतावनी बोर्ड, आपातकालीन संपर्क नंबर अथवा अन्य आवश्यक सूचनाएं भी प्रदर्शित नहीं की गई हैं।
मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हाल ही में रेलवे ने मरम्मत कार्य के नाम पर लगभग 45 दिनों तक इस अंडरब्रिज को बंद रखा था, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी करीब 25 दिनों तक ‘काउ कैचर’ निर्माण के नाम पर मार्ग बंद किया गया था। इसके बावजूद आज भी अंडरब्रिज के भीतर मवेशियों की आवाजाही बनी हुई है। इतना ही नहीं, हाल में कराई गई मरम्मत के बाद भी सड़क की गिट्टियां उखड़कर बाहर आ रही हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंडरब्रिज की इन सभी समस्याओं की जानकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ रेलवे के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को भी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं। उनका यह भी कहना है कि अंडरब्रिज में सुरक्षा, रखरखाव और यातायात व्यवस्था से जुड़ी कई अन्य कमियां भी हैं, जिन पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
सुरक्षा संकेतों का अभाव, भटका सकती हैं दीवारों की पेंटिंग
अंडरब्रिज के भीतर न तो गति सीमा संबंधी कोई बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सड़क सुरक्षा या सावधानी बरतने संबंधी कोई संदेश लिखा गया है। इसके स्थान पर दीवारों पर ऐसी पेंटिंग बनाई गई हैं, जिनका यातायात सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पेंटिंगों की ओर ध्यान जाने से कई बार वाहन चालकों का ध्यान सड़क से हट जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
सीसीटीवी कैमरे और स्पीड गवर्नर लगाने की जरूरत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंडरब्रिज में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इन कैमरों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), संबंधित थाना पुलिस तथा यातायात पुलिस के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना, आपराधिक घटना या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा अंडरब्रिज के भीतर कई वाहन चालक तेज और अनियंत्रित गति से वाहन चलाते हैं। ऐसे में दोनों ओर स्पीड गवर्नर (स्पीड ब्रेकर/रंबल स्ट्रिप) लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
जिम्मेदार विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन, जिला पुलिस और यातायात विभाग से अंडरब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि नियमित गश्त, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा संकेतक, सीसीटीवी कैमरे, गति नियंत्रण के उपाय तथा मवेशियों और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना समय की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।




