06 जून महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड, बिल्व पत्र, चंद्र और रजत मुकुट से सजे बाबा महाकाल, भक्ति में सराबोर हुआ मंदिर परिसर

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की षष्ठी पर विशेष पूजन-अर्चन, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर भगवान महाकाल की दिव्य भस्म आरती संपन्न हुई। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही बाबा महाकाल के विशेष पूजन-अर्चन का क्रम प्रारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच भगवान का आकर्षक एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित समस्त देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। फिर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। अभिषेक के बाद भांग, चंदन और विविध आभूषणों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती में गूंजे वैदिक मंत्र
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
रजत मुकुट और पुष्पों से सजे महाकाल
भस्म आरती के उपरांत बाबा महाकाल को शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। त्रिपुंड, बिल्व पत्र, चंद्र और रजत आभूषणों से सुसज्जित महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया।
जय महाकाल के जयकारों से गूंजा मंदिर
भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए थे। भस्म आरती के दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा



