बिलासपुर पुलिस को मिली हाईटेक ‘फोरेंसिक ताकत’

अब वैज्ञानिक साक्ष्यों से सुलझेंगे अपराध, SSP रजनेश सिंह ने फोरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी
‘सीन ऑफ क्राइम’ से लेकर कोर्ट तक वैज्ञानिक साक्ष्यों की होगी मजबूत पड़ताल

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // बदलते अपराध और अपराधियों के नए तौर-तरीकों के बीच अब बिलासपुर पुलिस भी हाईटेक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से लैस हो गई है। अपराधों की विवेचना को और अधिक मजबूत, सटीक और तकनीकी आधार देने के लिए पुलिस विभाग को अत्याधुनिक फोरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में इस विशेष फोरेंसिक वैन को फोरेंसिक टीम, सीन ऑफ क्राइम यूनिट और क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला को सौंपा गया।
मौके पर ही जुटेंगे वैज्ञानिक साक्ष्य, जांच होगी और मजबूत
फोरेंसिक वैन के जरिए अब अपराध स्थल पर प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण तुरंत किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक इस मोबाइल फोरेंसिक यूनिट की मदद से घटनास्थल से खून के धब्बे, बाल, लार, गन पाउडर, बुलेट होल, आगजनी से जुड़े साक्ष्य, विस्फोटक पदार्थ, पदचिह्न और टायर मार्क जैसे अहम सबूत सुरक्षित तरीके से एकत्र कर सीधे क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था लागू होने के बाद सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य होगी। ऐसे में यह फोरेंसिक वैन अपराधों की विवेचना में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में मदद करेगी।
‘सीन ऑफ क्राइम’ का लाइव प्रदर्शन, अधिकारियों ने देखी वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान डीएमएफ के माध्यम से तैयार किए गए ‘सीन ऑफ क्राइम’ का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाने, अपराधी की पहचान करने और वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. समीर कुर्रे और रवि चंदेल ने आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के उपयोग का प्रदर्शन करते हुए बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्य अपराधियों तक पहुंचने और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने में कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार अपराध नियंत्रण के लिए गंभीर : मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस विभाग को लगातार आधुनिक संसाधन और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस प्रशासन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता को तेजी से न्याय मिल सके।
ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन माध्यम से उप मुख्यमंत्री ने भी पुलिस प्रशासन और फोरेंसिक टीम को शुभकामनाएं दीं। मौके पर महापौर सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




