वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट: एक और श्रमिक की मौत, मृतकों का आंकड़ा 24 पहुंचा

गंभीर रूप से घायल 9 मजदूरों का इलाज जारी, जांच में लापरवाही के संकेत
सक्ति ( शिखर दर्शन ) // वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गंभीर रूप से घायल एक और श्रमिक मनीष कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद अब इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। झारखंड निवासी मनीष कुमार का इलाज रायगढ़ के लखीराम मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। फिलहाल 9 अन्य गंभीर रूप से घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार जारी है।
हादसे को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला कायम किया गया है। इस कार्रवाई पर उद्योग जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
घटना की जांच के लिए प्रशासन ने विशेष टीम गठित की है—
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में SIT का गठन
- टीम में पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल
- तकनीकी पहलुओं की गहन जांच जारी
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बायलर में अत्यधिक दबाव को बताया गया है—
- फर्नेस में ज्यादा ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ा
- दबाव के कारण बायलर का पाइप अपनी जगह से हटा
- इसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ
फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट में भी यही सामने आया है कि अत्यधिक ईंधन संचय और बढ़ा हुआ दबाव इस हादसे की मुख्य वजह रहा। इसके साथ ही प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मशीनरी के रख-रखाव में लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है।
हादसे के बाद प्रशासन और सरकार की निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।



