जमात-ए-इस्लामी से जुड़े 58 स्कूलों पर सरकार का नियंत्रण, जानें क्यों लिया फैसला

छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम, खुफिया रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
श्रीनगर ( शिखर दर्शन ) // जम्मू-कश्मीर में सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए जमात-ए-इस्लामी और उससे जुड़े फलाह-ए-आम ट्रस्ट से संबंध रखने वाले 58 स्कूलों की प्रबंधन समितियां अपने नियंत्रण में ले ली हैं। यह निर्णय छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने और शैक्षणिक संस्थानों को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से दूर रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक घाटी के अलग-अलग हिस्सों में संचालित इन स्कूलों पर शनिवार को प्रशासन ने नियंत्रण स्थापित किया। सरकार का कहना है कि इन संस्थानों की प्रबंधन समितियों की वैधता समाप्त हो चुकी थी और खुफिया एजेंसियों से इनके संबंध में प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण—
- छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखना
- स्कूलों को संदिग्ध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से दूर रखना
- प्रबंधन समितियों की वैधता समाप्त होना
- खुफिया एजेंसियों की नकारात्मक रिपोर्ट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी ऐसे ही अभियान के तहत 215 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को अपने नियंत्रण में लिया गया था। अब उसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 58 और स्कूलों पर नियंत्रण स्थापित किया गया है, जिससे सरकार के सख्त रुख का संकेत मिलता है।
दरअसल, गृह मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी 2019 और 27 फरवरी 2024 को जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया जा चुका है। खुफिया एजेंसियों ने ऐसे कई स्कूलों की पहचान की थी, जो सीधे या परोक्ष रूप से इस संगठन या उसके सहयोगी ट्रस्ट से जुड़े हुए थे।
प्रशासन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्कूलों का पूर्ण नियंत्रण संभालें और नई, जांची-परखी प्रबंधन समितियों का गठन करें। साथ ही स्कूलों में सरकारी टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि पढ़ाई बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी रह सके और छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



