बिलासपुर संभाग

वेदांता प्लांट ब्लास्ट का भयावह सच: धमाके के बाद अलमारी में छिपकर बची जान, मौतों का आंकड़ा 13

मजदूर की आपबीती ने हिलाया दिल, आग-धुएं के बीच मचा चीख-पुकार का मंजर

रायगढ़/सक्ती ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस भयावह घटना के बीच एक जीवित बचे मजदूर ने जो आपबीती सुनाई, उसने इस त्रासदी की भयावहता को और उजागर कर दिया।

“ऐसा लगा जैसे मिसाइल गिर गई हो”, मजदूर ने बयां किया मंजर

हादसे में बचने वाले एक मजदूर ने बताया कि घटना के समय वे लोग लंच के बाद काम पर लौटे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। चारों तरफ धुआं और आग फैल गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों के बीच चीख-पुकार गूंजने लगी और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भागने लगा।

अलमारी में छिपकर बचाई जान, कई मजदूर आग की चपेट में

मजदूर के अनुसार वह करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहा था। धमाका होते ही उसने खुद को बचाने के लिए पास रखी अलमारी में छिपकर अपनी जान बचाई। लेकिन उसके साथ काम कर रहे कई मजदूर नीचे गिर गए या आग की चपेट में आ गए। नीचे काम कर रहे मजदूर बुरी तरह झुलस गए और कई की मौके पर ही मौत हो गई।

40-50 मजदूर कर रहे थे काम, बढ़ता गया मौत का आंकड़ा

हादसे के वक्त बॉयलर क्षेत्र में करीब 40 से 50 मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआत में 5 मौतों की खबर सामने आई थी, लेकिन बाद में यह आंकड़ा बढ़कर 13 पहुंच गया। अधिकांश मजदूर पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं।

अस्पतालों में जारी इलाज, कई की हालत गंभीर

घायलों को रायगढ़ सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कई मजदूरों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने इस घटना की जांच के आदेश बिलासपुर कमिश्नर को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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