मध्यप्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15-16 अक्टूबर को आंधी-बारिश के आसार; 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी ठंड

मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। फिलहाल 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन 15 और 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। बीते सप्ताह पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर रहा, हालांकि रविवार और सोमवार को प्रदेश में कहीं भी आंधी-बारिश दर्ज नहीं की गई।
आने वाले दिनों में नए पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंड
प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इसके बाद 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।
भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में दिन के समय धूप खिली रहने के साथ रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। मौसम के मौजूदा रुझान के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
इस मानसूनी सीजन में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश
मध्यप्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई। मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी लगभग 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी करीब 37.3 इंच है। इस तरह पूरे मानसूनी सीजन में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य के मुकाबले 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। बारिश के इस अंतर का असर अलग-अलग जिलों में देखने को मिला।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी
इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, ग्वालियर, राजगढ़, कटनी, शहडोल, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, बुरहानपुर, मंडला, खरगोन, डिंडोरी, दतिया, गुना, पन्ना, निवाड़ी, भिंड, मैहर, टीकमगढ़, आगर मालवा और छतरपुर शामिल हैं।
वहीं, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, रीवा, रायसेन, सीहोर, सागर, सिवनी, शिवपुरी, शाजापुर, अशोकनगर, बालाघाट, मंदसौर, मुरैना, बैतूल, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, नीमच, हरदा, झाबुआ, रतलाम, आलीराजपुर, धार, देवास, दमोह, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा। कुछ जिलों में पर्याप्त वर्षा हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी रही।
मौसम संबंधी सलाह: 15 और 16 अक्टूबर को संभावित आंधी-बारिश को देखते हुए बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।



