बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला, कर्नाटक की चारों एमएलसी सीटें भाजपा-जेडीएस गठबंधन के नाम

भाजपा ने तीन सीटों पर जमाया कब्जा, सहयोगी जेडीएस ने कांग्रेस से छीनी बेंगलुरु शिक्षक सीट; नतीजों के बाद विरोधियों ने कसा तंज
बेंगलुरु ( शिखर दर्शन ) // कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की इन चारों सीटों पर भाजपा और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन ने जीत दर्ज की है। भाजपा ने तीन सीटें अपने नाम कीं, जबकि एक सीट पर जेडीएस ने कब्जा जमाया। खास बात यह है कि इन चुनावों में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से कराया गया था। नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा और उसके चुनावी दावों पर सवाल उठाए।
भाजपा ने तीन सीटें जीतीं, जेडीएस ने छीनी कांग्रेस की सीट
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की।
भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। वहीं, बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित जेडीएस उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना को 908 मतों से पराजित कर दिया। इस सीट पर कांग्रेस को अपना कब्जा गंवाना पड़ा।
इन उम्मीदवारों ने दर्ज की जीत
- उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के शशिल जी. नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को हराया। नमोशी की इस सीट पर यह लगातार पांचवीं जीत बताई गई है।
- दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मठ को पराजित किया।
- पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के एस.वी. संकनूर ने जीत दर्ज की।
- बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: जेडीएस के ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के पुट्टन्ना को 908 मतों से हराया।
बैलेट पेपर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस के नेता विभिन्न चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं और बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी करते रहे हैं। ऐसे में कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा और जेडीएस नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर आरोप लगाने का आधार नहीं होगा, क्योंकि मतदान बैलेट पेपर से हुआ था। उन्होंने भाजपा-जेडीएस गठबंधन की जीत पर उम्मीदवारों को बधाई भी दी।
भाजपा नेताओं ने भी परिणामों को कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका बताया। उनका कहना है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने गठबंधन के पक्ष में फैसला दिया है।
कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका, लेकिन सरकार की स्थिरता पर असर नहीं
चारों सीटों पर हार कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह मानी जा रही है, खासकर इसलिए कि जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उससे सीट छीन ली। हालांकि, इन परिणामों से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर तत्काल कोई सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है। विधान परिषद में दलों की कुल संख्या को देखते हुए इन चार सीटों का प्रभाव सीमित रहेगा। India Today+1
गौरतलब है कि बैलेट पेपर से हुए इस चुनाव में कांग्रेस की हार अपने आप में परिणाम है, लेकिन इससे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर लगाए गए आरोप सही या गलत साबित नहीं होते। ये चुनाव शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए थे; इनके नतीजों को उसी संदर्भ में देखना उचित होगा।



