रायपुर संभाग

चक्रवात ‘अर्नब’ का असर कई राज्यों तक फैला, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी; एमपी, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

आंध्र प्रदेश तट पार करने के बाद अंदरूनी क्षेत्रों में बढ़ा मौसमी प्रभाव, कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी वर्षा की आशंका

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद देश के कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा भारी बारिश के बाद अब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार में भी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि, हर राज्य और जिले के लिए चेतावनी का स्तर अलग है। India News+2

छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना

चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है। India News

प्रशासनिक स्तर पर एहतियाती कदमों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने की बात कही गई है। धमतरी जिले में भी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश जारी होने की जानकारी दी गई है।

अवकाश से संबंधित आदेशों की पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना से की जानी चाहिए, क्योंकि शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय जिलेवार अलग हो सकता है।

मध्य प्रदेश के 31 जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी

चक्रवात के प्रभाव से मध्य प्रदेश के मौसम में भी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। Sub-Divisionwise Warning

सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट सहित पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। अन्य जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी 31 जिलों में एक जैसी या अत्यधिक बारिश होने का अर्थ नहीं है; चेतावनी का स्तर और संभावित प्रभाव क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है। Hindustan+1

झारखंड में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा

झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को चक्रवात के प्रभाव से मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 अक्टूबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है, जबकि 29 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। Sub-Divisionwise Warning

राज्य के कई हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवा चलने का जोखिम बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।

बिहार में 1 नवंबर तक बदल सकता है मौसम

बिहार में भी चक्रवात के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के पटना केंद्र के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। 29 और 30 अक्टूबर को मौसम का प्रभाव अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। The Times of India

बारिश के दौरान वज्रपात का खतरा भी बना रह सकता है। लोगों को मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

चक्रवात के प्रभाव में अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में नागरिकों को अपने जिले के मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए। तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने, उफनते नालों के पास जाने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए।

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