मध्य प्रदेश में 2 नवंबर तक बदला रहेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के आसार; मौसम विभाग ने 30 और 31 अक्टूबर के लिए जारी की चेतावनी
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बावजूद मौसम का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 30 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी जारी की गई है।
इन जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अलग-अलग दिनों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा और मंदसौर सहित कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी और आसपास के इलाकों में भी मौसम की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। हालांकि, प्रत्येक जिले के लिए चेतावनी का स्तर और समय अलग-अलग हो सकता है।
कमजोर पड़ चुका है चक्रवात ‘अर्नब’
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ का अवशेष 29 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में मौजूद था। इसके कमजोर पड़ने के बाद भी मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी हुई हैं।
तापमान में गिरावट से बढ़ा ठंड का एहसास
लगातार बादल छाए रहने, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को दिन और रात के तापमान में अंतर का अनुभव हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा खराब मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।



