मंदिर में फिर दिखा चमत्कार, ‘खड़े हनुमान’ प्रतिमा की जांच करने पहुंची टीम की मशीन हुई खराब;

भोपाल से पहुंची जांच टीम ने रात में की स्क्रीनिंग, हिंदू संगठनों और भाजपा पार्षद ने जताई नाराजगी; अधिकारियों के आधिकारिक बयान का इंतजार
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर में प्रतिमा की जांच को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात प्रशासनिक अमले द्वारा मंदिर में प्रतिमा की स्क्रीनिंग किए जाने का दावा सामने आया है। इस दौरान जांच में इस्तेमाल की जा रही मशीन खराब होने का वीडियो भी सामने आया है। कुछ लोग इसे चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि प्रशासन की कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे से 2 बजे के बीच एसडीएम एल.एन. गर्ग के नेतृत्व में नगर निगम का अमला और भोपाल से पहुंचा विशेष जांच दल मंदिर पहुंचा था। सामने आए वीडियो में जांच के दौरान एक अधिकारी के मशीन खराब होने की बात कहने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, जांच का उद्देश्य, मशीन खराब होने का वास्तविक कारण और पूरी कार्रवाई की परिस्थितियां प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
आधी रात को जांच पर उठे सवाल
मंदिर में रात के समय की गई कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आने की बात कही जा रही है। ऐसे में जांच की आवश्यकता, समय और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि मंदिर में आधी रात को जांच करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उनका कहना है कि जब मंदिर में सामान्य समय पर पुजारी, साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहती है, तो जांच दिन में भी की जा सकती थी। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर विरोध जताने की बात कही है।
भाजपा पार्षद ने भी मांगा जवाब
भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने भी रात के अंधेरे में जांच किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि एसडीएम और भोपाल से आई टीम को स्क्रीनिंग के लिए रात का समय चुनने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की प्रक्रिया स्पष्ट करने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
मशीन खराब होने की घटना को कुछ लोग आस्था और चमत्कार से जोड़ रहे हैं। हालांकि, केवल मशीन के खराब होने से किसी चमत्कार की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके पीछे तकनीकी या अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनकी जानकारी जांच दल के स्पष्टीकरण के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल, इस पूरे मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अधिकारी प्रतिमा की जांच के उद्देश्य, अपनाई गई प्रक्रिया और मशीन खराब होने की वजह को लेकर क्या जानकारी देते हैं।



