जेल के अंदर से बदमाश संचालित कर रहे थे सट्टा का कारोबार , पुलिस की छापेमारी में कई तथ्य हुए उजागर….
दुर्ग /(शिखर दर्शन)// जिला प्रशासन और पुलिस टीम की संयुक्त छापेमारी कार्रवाई से दुर्ग केंद्रीय जेल में कल हड़कंप मच गया था । टीम ने सुबह-सुबह जब दुर्ग जेल के अंदर छापेमार कर कार्रवाई जारी । और लगभग 2 घंटे तक जेल में छानबीन टीम के द्वारा की गई । इस दौरान कैदियों के बैरेक से एक मोबाइल फोन ,सिम , उस्तरा , ब्लेड , और चाकू जैसा हाथ से बनाया गया औजार तथा इस्तेमाल किया गया गांजा पीने का “चिलम” बीड़ी सिगरेट और बाहर का खाना के साथ महंगे मेवा मिष्ठान बरामद किए गए थे ।
अचानक की गई छापेमार करवाई को पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने आगामी लोकसभा चुनाव के तहत रूटिंग कार्यवाही बताया है । हालांकि खबर यह भी है की जेल से ऑनलाइन सट्टा और मोबाइल संचालित करने की जानकारी मिली थी । जिसके बाद छापामार कार्रवाई की गई थी ।
एसपी अभिषेक झा ने बताया की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला भी मौजूद थे । जेल में निरीक्षण के लिए 15 टीमें गठित की गई थी , जिन्होंने 63 बैरेको को खंगाल । इस दौरान पुलिस अधिकारियों को हत्या के मामले में जेल में बंद किए गए बदमाश तपन सरकार , महादेव सट्टा एप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उत्पल के नजदीकी दीपक नेपाली सहित ट्रेन हाईजैक में शामिल उपेंद्र सिंह उर्फ काबरा एक ही बैरक में मौजूद मिले ।
निरीक्षण के दौरान जेल के भीतर अव्यवस्थाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक ने जेल अधीक्षक को फटकार भी लगाई थी । साथ ही जेल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कतापूर्वक ड्यूटी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की हिदायत दी गई । पुलिस कप्तान जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि जेल से मिले मोबाइल की गहनता से जांच की जा रही है आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसकी रिपोर्ट तैयार करके कार्यवाही के लिए कलेक्टर को प्रेषित की जाएगी ।
