जबलपुर क्रूज हादसा: PM मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख मुआवजे का ऐलान

सीएम मोहन यादव ने भी दी 4-4 लाख की सहायता, रेस्क्यू अभियान जारी
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे पर नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि जबलपुर में नाव पलटने की घटना अत्यंत दुखद है और इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है।
दरअसल, जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम एक डबल डेकर क्रूज अचानक तेज हवा और आंधी के चलते पलट गया। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई और क्रूज पर सवार 30 से अधिक लोग पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों की जान बचाई।
घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 7 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। वहीं 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अन्य लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
इस हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि इस कठिन समय में सरकार पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्य बातें:
- जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज पलटने से बड़ा हादसा
- नरेंद्र मोदी ने जताया शोक, 2 लाख मुआवजे का ऐलान
- घायलों को 50 हजार रुपये सहायता
- अब तक 9 शव बरामद, 20 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
- मोहन यादव ने भी 4-4 लाख की राहत राशि घोषित की
- एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में जुटी
यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



