दिल्ली

ज्ञानेश कुमार और SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, राहुल गांधी-ओवैसी समेत विपक्षी नेताओं की याचिकाओं पर नजर

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की SIR के खिलाफ याचिका भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध बताई गई है। इसके अलावा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर भी अदालत में सुनवाई की संभावना जताई गई है।

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //

SIR प्रक्रिया पर विपक्ष ने उठाए सवाल

राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने SIR के तहत मतदाता सूची में किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने की मांग की है। याचिका में चुनाव आयोग के रिकॉर्ड की जांच और मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR प्रक्रिया को चुनौती दी है। उनकी याचिका को भी अन्य संबंधित मामलों के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और मेट्रो बंद करने से जुड़े मामले भी सुनवाई में

सुप्रीम कोर्ट में 10 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मेट्रो और सड़क यातायात पर पाबंदियों से संबंधित याचिकाओं पर भी सुनवाई निर्धारित है।

इन मामलों में अदालत के पूर्व निर्देशों के कथित उल्लंघन को लेकर अवमानना याचिका भी शामिल है। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले से संबंधित मामला भी चर्चा में है।

प्रमोद तिवारी ने न्यायपालिका पर जताया भरोसा

सुनवाई से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बाद में अदालत विपक्ष के पक्ष में फैसला देती है, तो जिन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं, वहां मताधिकार से जुड़े नुकसान की भरपाई कैसे होगी।

तिवारी ने कहा कि कांग्रेस को भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि अदालत सभी पक्षों के तर्कों और संवैधानिक पहलुओं पर विचार करते हुए ऐसा निर्णय देगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदान के अधिकार की रक्षा हो सके।

अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। अदालत में याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई और उसके दौरान दिए जाने वाले निर्देशों से SIR प्रक्रिया, विपक्ष की मांगों तथा दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े विवादों की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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