चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी मां-बेटी, RPF जवान की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

भोपाल रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने की कोशिश के दौरान एक महिला और उसकी 15 वर्षीय बेटी प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गईं। मौके पर तैनात आरपीएफ आरक्षक की तत्परता से दोनों की जान बच गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जवान की बहादुरी की सराहना हो रही है।
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी मां-बेटी को ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आरक्षक ने अपनी सूझबूझ और फुर्ती से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में दोनों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
बेटी के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर रुकी थी मां
जानकारी के अनुसार, घटना ट्रेन नंबर 12156 शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से जुड़ी है। सफर के दौरान 15 वर्षीय बेटी ट्रेन के बाथरूम में गई थी। उसके लौटने में देरी होने के कारण मां प्लेटफॉर्म पर उसका इंतजार कर रही थीं।
इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। मां-बेटी ने चलती ट्रेन में चढ़ने या उससे उतरने की कोशिश की, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। दोनों ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच खतरनाक जगह पर फंस गईं। घटना देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आरपीएफ आरक्षक ने तत्परता दिखाकर बचाई जान
प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ आरक्षक मधुसूदन यादव की नजर मां-बेटी पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए तुरंत कार्रवाई की और दोनों को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता के कारण दोनों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
इस घटना का स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ फुटेज सामने आया है। हादसे के दौरान मां-बेटी को मामूली चोटें आने की जानकारी दी गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
आरक्षक मधुसूदन यादव की बहादुरी और समय रहते की गई कार्रवाई की सराहना की जा रही है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। यात्रियों को हमेशा ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ना या उतरना चाहिए।



