MP में नए वक्फ बोर्ड का गठन : पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल

डॉ. सनवर पटेल बने अध्यक्ष, 10 सदस्यीय बोर्ड का राजपत्र में प्रकाशन
भोपाल (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है। नए वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में डॉ. सनवर पटेल की नियुक्ति की गई है। मध्य प्रदेश संशोधित वक्फ अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। विशेष बात यह है कि नए बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
पहली बार दो हिंदू सदस्यों को मिली जगह

मनोज मालपानी
नवगठित वक्फ बोर्ड में इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया गया है। संशोधित अधिनियम के तहत पहली बार वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

अनिमेष भार्गव
10 सदस्यीय बोर्ड का गठन
राज्य सरकार द्वारा गठित नए वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के अलावा नजमा हेपतुल्ला (नई दिल्ली), विधायक आतिफ अकील (भोपाल उत्तर), फैजान खान (उज्जैन), बहन फातिमा चौधरी (इंदौर), शास्ता सुल्तान (पार्षद, बैरसिया), शबाना खान (पार्षद, रतलाम), मनोज मालपानी (इंदौर), अनिमेष भार्गव (राघौगढ़, गुना) तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त को सदस्य बनाया गया है।
अधिनियम की धारा-13 के तहत हुआ गठन
राज्य सरकार ने वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा-13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-14 के प्रावधानों के अनुसार इस नए वक्फ बोर्ड का गठन किया है। इसकी अधिसूचना मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित की गई है।
नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल रहेगा जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नजमा हेपतुल्ला को वर्ष 2023 में वक्फ अधिनियम के तहत निर्वाचित श्रेणी से नियुक्त किया गया था, जिनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक प्रभावी है। इसी कारण उनके शेष कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए उन्हें नए बोर्ड में भी शामिल किया गया है।



