मंदिर भूमि प्रबंधन के नए नियमों के खिलाफ पुजारियों का सत्याग्रह, परिवार सहित धरने पर बैठे

ग्वालियर ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंदिरों की कृषि भूमि के प्रबंधन को लेकर पुजारियों और सरकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग के बड़ी संख्या में पुजारी अपने परिवारों के साथ झांसी रोड स्थित हनुमान टेकरी मंदिर परिसर में सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारी पुजारियों का आरोप है कि सरकार मंदिरों की परंपरागत व्यवस्था में हस्तक्षेप कर रही है, जबकि प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से मंदिरों की आय बढ़ेगी और जर्जर मंदिरों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
क्या है पूरा विवाद ?
सरकार द्वारा लागू नई व्यवस्था के तहत चार हेक्टेयर यानी लगभग 20 बीघा से अधिक कृषि भूमि वाले मंदिरों की जमीन का पट्टा अब प्रशासनिक निगरानी में खुली नीलामी के माध्यम से दिया जाएगा। नीलामी की प्रक्रिया तहसीलदार स्तर पर कराई जाएगी और उससे प्राप्त राशि संबंधित मंदिर के खाते में जमा होगी।
सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग मंदिरों के रखरखाव, विकास कार्यों और जर्जर मंदिरों के जीर्णोद्धार में किया जाएगा। वहीं पुजारियों का कहना है कि मंदिरों की कृषि भूमि और उसके प्रबंधन का अधिकार परंपरागत रूप से पुजारियों और मंदिर समितियों के पास रहा है।
पुजारियों ने लगाए अधिकार हनन के आरोप
आंदोलनरत पुजारियों का आरोप है कि सरकार माफी, औकाफ और देवस्थान की जमीनों पर प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था परंपरागत अधिकारों को कमजोर करने वाली है और इससे मंदिरों की स्वायत्त व्यवस्था प्रभावित होगी।
हनुमान टेकरी बना आंदोलन का केंद्र
ग्वालियर की हनुमान टेकरी इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। बड़ी संख्या में पुजारी परिवार सहित यहां सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।
परिसर में पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए हनुमान टेकरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार आंदोलनरत पुजारियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।
फिलहाल पुजारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सत्याग्रह जारी है। मंदिरों की जमीन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सरकार और पुजारियों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।



