राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासी संग्राम: कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप, भाजपा ने किया पलटवार

अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमाई
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी और हेरफेर के मुद्दे पर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
चंदे को लेकर उठाए सवाल
सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर प्राप्त चंदे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां लाखों रुपये का चंदा आ रहा था, अब उसमें कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा प्रभावित हुआ है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़े कुछ लोगों की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
शंकराचार्यों को लेकर भी उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेता ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि देश के चारों शंकराचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि अन्य प्रमुख व्यक्तियों को कार्यक्रम में शामिल किया गया। उन्होंने इस मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
दान राशि और ऑडिट पर सवाल
सज्जन सिंह वर्मा ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में राम मंदिर के नाम पर बड़ी मात्रा में दान प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस धनराशि के ऑडिट और उपयोग को सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही दान में मिली सामग्री और शिलाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भगवान राम के प्रति कांग्रेस का दृष्टिकोण देश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से राम के अस्तित्व और आस्था से जुड़े विषयों पर सवाल उठाती रही है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सरकार सभी मामलों में पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों को विवादित बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े सभी कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किए जा रहे हैं।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच गरमाई राजनीति
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां चंदे और उसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।



